
नमस्ते दोस्तों! मैं दिल्ली-एनसीआर से आपका अपना ब्यूटी करियर एक्सपर्ट और स्टार्टअप कोच बात कर रहा हूँ। आज हम एक ऐसे टॉपिक पर बात करेंगे जिसने ब्यूटी इंडस्ट्री में तहलका मचा रखा है। अगर आप आज के दौर में एक सफल सैलून मालिक बनना चाहते हैं या एक स्किन एक्सपर्ट के तौर पर अपना नाम कमाना चाहते हैं, तो आपने हाइड्रा फेशियल कोर्स का नाम जरूर सुना होगा।
आजकल हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा चमकदार दिखे और स्किन एकदम साफ हो। इसी चाहत ने हाइड्रा फेशियल को सबसे ज्यादा डिमांड वाली सर्विस बना दिया है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आप ये काम सीखें कहाँ से? सोशल मीडिया पर आपने ज़ोरेंस स्टूडियो एंड एकेडमी के काफी विज्ञापन देखे होंगे। लेकिन क्या वहां एडमिशन लेना आपकी मेहनत की कमाई का सही इस्तेमाल है?
आज मैं आपको ज़ोरेंस स्टूडियो की उन सच्चाइयों के बारे में बताऊंगा जो अक्सर विज्ञापनों में छुप जाती हैं। साथ ही, मैं आपको ये भी बताऊंगा कि क्यों मेरीबिंदिया इंटरनेशनल एकेडमी आज भी पूरे भारत के छात्रों की पहली पसंद बनी हुई है।
सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि ये कोई साधारण फेशियल नहीं है जो हाथों से मसाज करके किया जाता है। ये पूरी तरह से मशीन पर आधारित एक एडवांस्ड स्किन ट्रीटमेंट है। इसे 3-इन-1 टेक्नोलॉजी कहा जाता है क्योंकि ये एक साथ तीन काम करता है:
इसका रिजल्ट तुरंत दिखता है और यही वजह है कि क्लाइंट इसके लिए 3000 से 10,000 रुपये तक देने को तैयार रहते हैं।
ज़ोरेंस स्टूडियो बेंगलोर में एक बड़ा नाम हो सकता है, लेकिन जब बात आती है एक स्टूडेंट के भविष्य की और उसकी ट्रेनिंग की, तो वहां कुछ ऐसी कमियां हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक करियर एक्सपर्ट के तौर पर मेरा फर्ज है कि मैं आपको सिक्के का दूसरा पहलू भी दिखाऊं।
ज़ोरेंस स्टूडियो की फीस बाकी अच्छी एकेडमियों के मुकाबले काफी ज्यादा है। कई छात्रों का ये फीडबैक रहा है कि जितनी मोटी फीस वो लेते हैं, उस हिसाब से कोर्स में गहराई से जानकारी नहीं दी जाती। ब्यूटी इंडस्ट्री में आप सिर्फ सर्टिफिकेट के लिए नहीं, हुनर सीखने के लिए पैसा देते हैं। अगर हुनर में ही कमी रह गई, तो वो फीस बेकार है।
ज़ोरेंस स्टूडियो की पूरे भारत में सिर्फ एक ही ब्रांच है और वो बेंगलोर में है। अब आप खुद सोचिये, अगर आप उत्तर भारत या किसी और हिस्से से हैं, तो सिर्फ एक हफ्ते या 15 दिन के कोर्स के लिए बेंगलोर जाना, वहां रहने और खाने का खर्चा उठाना कितना महंगा पड़ता है। इसी वजह से उत्तर भारत के छात्र वहां तक नहीं पहुँच पाते और उन्हें मजबूरी में समझौता करना पड़ता है।
ये सबसे बड़ी समस्या है। एक ही ब्रांच होने की वजह से ये लोग एक-एक बैच में 30 से 40 बच्चों को भर लेते हैं। अब आप ही बताइये, क्या एक मशीन पर 40 बच्चे एक साथ प्रैक्टिस कर सकते हैं? बिल्कुल नहीं। ट्रेनर चाहकर भी हर बच्चे पर ध्यान नहीं दे पाता और अंत में बच्चा सिर्फ दूसरों को मशीन चलाते हुए देखकर घर वापस आ जाता है।
हाइड्रा फेशियल पूरी तरह मशीन का खेल है। ज़ोरेंस में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण और प्रोडक्ट्स की क्वालिटी वैसी नहीं है जैसी एक वर्ल्ड क्लास एकेडमी की होनी चाहिए। जब आप पुरानी या औसत दर्जे की मशीन पर सीखते हैं, तो मार्केट में जाकर जब आपको नई मशीनें मिलती हैं, तो आप घबरा जाते हैं।
जब हम बेस्ट की बात करते हैं, तो मेरीबिंदिया इंटरनेशनल एकेडमी का नाम सबसे ऊपर आता है। इसे लगातार 5 साल से इंडिया का बेस्ट ब्यूटी स्कूल अवार्ड मिला है। आखिर ऐसा क्या है जो इसे ज़ोरेंस या बाकी स्कूलों से अलग बनाता है?
मेरीबिंदिया में एक बैच में सिर्फ 12 से 15 छात्र होते हैं। इसका मतलब है कि ट्रेनर आपके सिर पर खड़ा होकर आपको काम सिखाता है। यहाँ मशीन सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि खुद अपने हाथों से चलाने के लिए मिलती है।
ये एकेडमी आईएसओ और सिडेस्को जैसे बड़े नामों से जुड़ी हुई है। यहाँ का सर्टिफिकेट सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी नौकरी दिलाने की गारंटी देता है।
यहाँ आपको फीस का बोझ एक साथ नहीं उठाना पड़ता। मेरीबिंदिया 0 प्रतिशत ब्याज पर आसान किश्तों की सुविधा देती है। इसका मतलब है कि आप अपनी पढ़ाई शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे पैसे चुका सकते हैं।
इनकी दो बड़ी ब्रांच हैं। एक नोएडा सेक्टर 18 में और दूसरी दिल्ली के राजौरी गार्डन में। दोनों ही जगहें मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल पास हैं, जिससे छात्रों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होती।
यहाँ मैंने एक लिस्ट तैयार की है जिससे आपको समझ आएगा कि भारत की प्रमुख एकेडमीज़ में क्या फर्क है:
| एकेडमी का नाम | कोर्स की अवधि | फीस का अंदाज़ा | प्लेसमेंट सहायता |
| मेरीबिंदिया इंटरनेशनल एकेडमी | 3 महीने | 1,20,000 रुपये | 100 प्रतिशत जॉब गारंटी |
| ज़ोरेंस स्टूडियो बैंगलोर | 1 हफ्ता | 55,000 रुपये | बहुत कम |
| रेनूका कृष्णा एकेडमी दिल्ली | 1 हफ्ता | 45,000 रुपये | सीमित |
| फैट मु प्रो मेकअप स्कूल | 1 महीना | 2,50,000 रुपये | औसत |
| पर्ल एकेडमी मुंबई | 11 महीने | 4,20,000 रुपये | अच्छी |
| मीनाक्षी दत्त एकेडमी दिल्ली | 1 महीना | 1,70,000 रुपये | औसत |
| पारुल गर्ग एकेडमी गुड़गांव | 1 महीना | 1,60,000 रुपये | औसत |
एक अच्छे हाइड्रा फेशियल कोर्स में सिर्फ मशीन चलाना नहीं, बल्कि ये सब चीजें भी शामिल होनी चाहिए:
मेरीबिंदिया एकेडमी में ये सब चीजें आपको लाइव मॉडल्स पर प्रैक्टिस करके सिखाई जाती हैं।
हाइड्रा फेशियल सीखने के बाद आप सिर्फ एक ब्यूटीशियन नहीं रह जाते, आप एक स्किन थेरेपिस्ट बन जाते हैं।
दोस्तों, ब्यूटी इंडस्ट्री में चमक-धमक बहुत है, लेकिन आपको अपना फैसला दिमाग से लेना चाहिए। ज़ोरेंस स्टूडियो का नाम बड़ा हो सकता है, लेकिन उनकी बेंगलोर वाली अकेली ब्रांच और वहां की भीड़ आपके सीखने के रास्ते में रुकावट बन सकती है।
उत्तर :- नहीं, इसके लिए डॉक्टर होना ज़रूरी नहीं है। लेकिन आपके पास एक अच्छी एकेडमी से सर्टिफाइड डिप्लोमा होना चाहिए ताकि आप मशीन को सही तरीके से चला सकें।
उत्तर :- अगर आप दिल्ली-एनसीआर में हैं और आपको पर्सनल अटेंशन और बेहतरीन प्लेसमेंट चाहिए, तो मेरीबिंदिया नंबर 1 है। ज़ोरेंस बेंगलोर के लोकल लोगों के लिए ठीक हो सकता है, पर वहां भीड़ बहुत ज्यादा रहती है।
उत्तर :- इसका शानदार ग्लो 7 से 10 दिन तक रहता है। अगर क्लाइंट हर महीने एक सेशन लेता है, तो उसकी स्किन की बनावट में बहुत सुधार आता है।
उत्तर :- बिल्कुल नहीं। हाइड्रा फेशियल एक प्रैक्टिकल काम है। जब तक आप मशीन को हाथ से पकड़कर लाइव मॉडल पर नहीं चलाएंगे, आप कभी एक्सपर्ट नहीं बन पाएंगे। इसलिए हमेशा ऑफलाइन एकेडमी ही चुनें।