
भारत में ब्यूटी इंडस्ट्री के साथ – साथ Permanent Makeup इंडस्ट्री भी काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। आज बहुत से लोग है जो आँखों को खूबसूरत दिखाने के लिए Microblading या Microshading करवाते है। इसके साथ ही जैसे – जैसे Microblading या Microshading की डिमांड बढ़ रही है स्टूडेंट भी कोर्स करने के लिए आगे आ रहे है। Microblading और Microshading की डिमांड भारत के साथ – साथ विदेशों में भी काफी ज्यादा है। लेकिन अक्सर स्टूडेंट्स के मन में सवाल होता है कि Microblading और Microshading में कौन-सा कोर्स बेहतर है, किसमें ज्यादा कमाई है और किसमें करियर के अवसर अधिक हैं। अगर आप भी PMU इंडस्ट्री में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

Microblading के तहत आईब्रो को नेचुरल और फुलर लुक देने के लिए किया जाता है। इसमें एक विशेष हैंड टूल की मदद से त्वचा की ऊपरी परत में पिगमेंट डाला जाता है। इस तकनीक में बालों जैसी पतली-पतली स्ट्रोक्स बनाई जाती हैं, जिससे आईब्रो बिल्कुल प्राकृतिक दिखाई देती हैं। यह तकनीक उन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है जिनकी आईब्रो पतली होती हैं या जिनके बाल कम होते हैं। Microblading का रिजल्ट आमतौर पर 1 से 2 साल तक बना रहता है।
Microshading भी एक सेमी-परमानेंट आईब्रो तकनीक है, लेकिन इसमें छोटे-छोटे डॉट्स या पिक्सल इफेक्ट बनाकर आईब्रो को सॉफ्ट और पाउडर जैसा लुक दिया जाता है। इसे अक्सर “Powder Brows” भी कहा जाता है। यह तकनीक उन लोगों के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती है जिनकी स्किन ऑयली होती है या जो मेकअप जैसा फिनिश पसंद करते हैं। Microshading का परिणाम Microblading की तुलना में अधिक समय तक टिक सकता है और इसका हीलिंग प्रोसेस भी अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।
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दोनों तकनीकों का उद्देश्य आईब्रो को खूबसूरत बनाना है, लेकिन इनके काम करने का तरीका अलग होता है। Microblading में हेयर स्ट्रोक्स बनाकर नेचुरल लुक दिया जाता है, जबकि Microshading में शेडिंग तकनीक का उपयोग करके सॉफ्ट और मेकअप जैसा प्रभाव तैयार किया जाता है।
Microblading में अधिक प्रिसीजन और हैंड कंट्रोल की जरूरत होती है, जबकि Microshading मशीन या विशेष टूल्स की मदद से की जाती है। इसलिए दोनों कोर्स की ट्रेनिंग प्रक्रिया भी अलग होती है।
अगर आज का समय देखें तो दोनों ही कोर्सेज की डिमांड काफी ज्यादा है। वहीं ब्यूटी से जुड़े कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि Microshading की डिमांड काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही Microblading अभी भी उन क्लाइंट्स की पहली पसंद बनी हुई है जो पूरी तरह नेचुरल आईब्रो चाहते हैं। बड़े शहरों में दोनों सेवाओं की मांग बराबर देखी जा सकती है। इसलिए किसी एक तकनीक पर निर्भर रहने के बजाय दोनों स्किल्स सीखना अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।
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कमाई की बात करें तो यह आपकी स्किल, अनुभव, लोकेशन और क्लाइंट बेस पर निर्भर करती है। भारत में एक शुरुआती PMU आर्टिस्ट Microblading या Microshading की एक सर्विस के लिए ₹8,000 से ₹25,000 तक चार्ज कर सकता है। वहीं अनुभवी आर्टिस्ट एक क्लाइंट से ₹30,000 से ₹60,000 या उससे अधिक भी चार्ज करते हैं।
यदि आप एक महीने में केवल 15 से 20 क्लाइंट्स को भी सर्विस देते हैं, तो अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। कमाई के मामले में दोनों तकनीकों में ज्यादा अंतर नहीं है, लेकिन Microshading की बढ़ती मांग कई क्षेत्रों में अतिरिक्त अवसर प्रदान कर रही है।
Microblading और Microshading सीखने के बाद कई तरह के करियर विकल्प उपलब्ध हो जाते हैं। आप PMU Artist, Eyebrow Specialist, Beauty Consultant या Beauty Trainer के रूप में काम कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपना स्टूडियो या PMU क्लिनिक भी शुरू कर सकते हैं।
भारत के अलावा दुबई, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में भी PMU एक्सपर्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि आज कई स्टूडेंट्स इन कोर्सेज को इंटरनेशनल करियर के नजरिए से भी चुन रहे हैं।
आज के समय में सही ब्यूटी एकेडमी चुनना थोड़ा मुश्किल हो गया है, क्योंकि हर जगह ट्रेनिंग का स्तर एक जैसा नहीं होता। ऐसे में BBE वैरिफाइड एकेडमी आपके लिए एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकती है। यहाँ एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को 1,000 से लेकर 50,000 रुपये तक की स्कॉलरशिप का लाभ मिलता है, जिससे आपकी कोर्स फीस काफी हद तक कम हो जाती है। इसके साथ ही आपको अपने ही शहर में प्रोफेशनल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
BBE स्कॉलरशिप पाने के लिए आपको उनकी ऑफिशियल वेबसाइट https://becomebeautyexpert.com/scholarship/ पर जाकर “Scholarship Form” भरना होगा। फॉर्म सबमिट करने के बाद आपकी प्रोफाइल के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाती है। अधिक जानकारी के लिए आप 8595172415 पर कॉल करके काउंसलर से बात कर सकते हैं।
उत्तर :- Microblading में आईब्रो पर बालों जैसी पतली स्ट्रोक्स बनाई जाती हैं, जिससे नेचुरल लुक मिलता है। वहीं Microshading में छोटे-छोटे डॉट्स और शेडिंग तकनीक का उपयोग करके पाउडर या मेकअप जैसा फिनिश दिया जाता है।
उत्तर :- दोनों कोर्स अपने-अपने स्थान पर बेहतर हैं। यदि आप नेचुरल आईब्रो लुक बनाना सीखना चाहते हैं तो Microblading अच्छा विकल्प है, जबकि Soft Powder Brows और Makeup Finish के लिए Microshading बेहतर माना जाता है।
उत्तर :- अधिकांश एकेडमी में यह कोर्स कुछ दिनों से लेकर कुछ सप्ताह तक का होता है। कोर्स की अवधि संस्थान और ट्रेनिंग मॉड्यूल के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
उत्तर :- एक शुरुआती PMU आर्टिस्ट प्रति क्लाइंट ₹8,000 से ₹25,000 तक चार्ज कर सकता है। अनुभव बढ़ने के बाद यह फीस ₹30,000 से ₹60,000 या उससे अधिक भी हो सकती है।
उत्तर :- BBE वैरिफाइड एकेडमी में स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप, प्रोफेशनल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।